सोशल मीडिया
मायमाय नर्सिंग फ्रेंड विजु धौलपुर _________ ,____________________________________ सोशल मीडिया के इस युग में पूरी दुनिया के तमाम लोगों तक पहुंचने और उनसे जुड़ने की संभावना पहले से कई गुना बढ़ गयी है। सिर्फ एक बटन दबा कर मित्रों को अपने पास कर लीजिए, ट्वीट के जरिये उनको अपने नये-नये समाचार दे दीजिए या अपने ब्लॉग पर दूसरों की राय फटाफट जान लीजिए। अब नेटवर्किंग यानी मेलजोल का दायरा बढ़ाने के विकल्प लगभग असीमित हैं। हमारे ‘वर्चुअल’ यानी परोक्ष मित्रों और ‘फॉलोअर्स’ की संख्या जैसे-जैसे बढ़ रही है, क्या आपके मन में कभी यह सवाल उठा है कि इनमें से वास्तव में कितना सही है? आपके लिए मित्रता क्या मायने रखती है? मैं समझता हूं कि किसी भी चीज से गहराई से जुड़ने की क्षमता मुझमे रही है। – चाहे वो पेड़ हो या स्थान, जमीन हो या चट्टान या फिर इंसान – जिससे भी जुड़ा गहराई से जुड़ा। मेरी ये योग्यता कई मायनों में वह कुंजी रही है जिसने जीवन और प्रकृति के नये पहलुओं को मेरे सामने खोला है। स्कूल में दाखिले के बाद, तीन या चार साल की उम्र में मैंने अपना पहला मित्र बनाया। मेरा उसके सा...