विवाह शादी मैरिज ???''
विवाह शादी मैरिज ??????
आश्चर्य की बात है की हम लोग शास्त्रो को सम्मान देते हुए भी उनमे कही हुई बात प्रैक्टिकल रूप मे नही मानते, शास्त्रो मे आठ प्रकार के विवाह का वर्णन है ब्राह्म, दैव, आर्य, प्राजापत्य, आसुरी, गान्धर्व, राक्षसी, पैशाचिक || इनमे सर्वोत्तम ब्राह्म विवाह है यह विवाह आज के विवाह से सर्वथा भिन्न है इसका ज्ञान न होने के कारण ही आज कल के माता पिता वासना युक्त विवाह करा रहे है| शास्त्रानुसार "यदि कोई मनुष्य धन के लोभ मे अपनी कन्या किसी नीच को , वृद्ध नर को या कुरूप को या खराब चरित्र वाले नर को देता है तो वह मरने के बाद प्रेत बनेगा " अब अगर देखा जाय तो कन्या के माता-पिता जब लडका देखते है तो उसमे क्या देखते ? कितना कमाता है , कितना बैक बैलेंस है कार फ्लैट है बिमार माँ-बाप तो नही या परिवार से अलग रहेगा ??? और लडके वाले सगाई तय करने से पहले दहेज मे कैश वाहन घरेलू सामान तय करते है फिर आगे बढेगे ! कौन ऐसी कन्या या ऐसा बालक है जिसे धन की लिप्सा नही रहती ?? शास्त्रो मे ऐसे विवाह को, जिसमे धन-द्रव्य इत्यादि का लालच किया जाय और शील पवित्रता न देखी जाय , 'आसुरी विवाह' कहा है ऐसे विवाह की शुरूवात-अंत सब बहुत दु:खद होता है, जो लोग गृहस्त में 'काम' की छुट मानते है उन्हे यह मालूम होना चाहिए कि स्वय शास्त्रो मे 25 वर्षो तक अखंण (आठो प्रकार के )ब्रह्मचर्य व्रत पालन की बात कही है, अगर ब्रहचर्य की नीव ही सुदृढ नही हुई तो गृहस्त के अधिकारी कैसे ?? सतयुग त्रेता मे तो मैथुनी सृष्टि ही नही थी, याद रहे कि यह छूट द्वापर कलियुग के नर-नारियो के लिए है जो अजीवन पवित्र रहने का व्रत निभाने की हिम्मत नही रखते उनके लिए स्त्री-संग के संम्बन्ध मे कुछ मर्यादाए है जैसे ग्रहण काल, एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या ,चतुर्दशी, अष्टमी तिथि, दिन के समय और सुबह-शाम पूजन के समय, द्वादशी, प्रतिपाद, पष्ठी, रामनवमी , शिवरात्री, श्राधदिवस, संक्रान्ति, रविवार आदि दिनो मे तथा मास के अन्य चौदह दिन , बहुत से नक्षत्रो, कोई भी पर्व, अपवित्र अवस्था मे, दवा लेने के बाद, बिल्कुल भुखे, दुखी मन से, आवेष मे, क्रोध मे, थकावट मे, मंन्दिर मे, रास्ते मे, श्मशान मे, औषधाल्य मे , गुरू-ब्रह्मण के घर, दूसरो के सामने, मित्र-गुरूजनो के बिछौने पर etc काम विकार वर्जित है| गोया, शास्त्र ने कामी मनुष्य के लिए विवाह के बाद भी कोई ऐसा समय या अवस्था हो जिसमे उसे वाशना भोग कि छुट मिल सके ?? शास्त्रो मे लिखा कि कुशील से विवाह न हो तो यह बताओ शुशील है कौन ?? लक्ष्मी नारायण जैसा है कौन ? बेदाग तो कोई नही है, पूर्ण रूप से स्वस्थ है कौन ? हर-एक व्यक्ति कम से कम चार प्रकार की मांसिक और दो शारीरीक बिमारी से गृस्त है | पहले महिलाए घर मे रहती थी पुरूष अलग घेर मे रहते थे | आज कल के समाज मे शास्त्रो मे वर्णित वर-वधु है कहाँ ? देखा जाय तो सभी बुढे हो चुके है, इन सभी ज्ञान रहस्यो को न जानने के बाद भी कुक्कड़ ज्ञानी लोग (पंण्डत) दूसरो को शास्त्रो की कुकडूँ-कू तो सुनाते है परन्तु बैठे रहते है गोबर एवं विष्ठा पर !
आज हमारे देश में 7 करोड़ से ज्यादा लोग दहेज़ कानून की धारा 498A की मार से पीड़ित हैं | बहुत ही दुःख और शर्म की बात है की इतने परिवार बर्बाद कर दिए हैं इस काम विकार ने की हर 7.5 मिनट में इस कानून से पीड़ित विवाहित पुरुष आत्महत्या कर रहे है | भारत मे पिछले 10 साल मे पत्नी के त्रीया चरित्र ने 8 लाख से ज्यादा पुरूषो को आत्महत्या को मजबुर किया | हर साल 498A(dahej kanoon), Cr Pc125,376, 377, DV DP Hma24 जैस कानूनों के दुरुपयोग के कारण लाखो पुरुष-महिला आत्म हत्या करते है और परिवार बर्बाद होते है बच्चे अनाथ होते है वा कई निर्दोष लोगो को जेल जाना पड़ता है. आज से कई साल पहले, शादी का मतलब होता था कि दो परिवार के बीच एक अटूट रिश्ता, इस रिश्ते कॉ दोनों परिवार के बुजुर्ग अच्छी तरह से समझ और जानकारी ले के करते थे । पहली पहल लड़की वाले फिर वार्ता और परिवार कि सहमती के बाद शादी हो जाती थी । कुछ साल पहले आया इंटरनेट, फिर आया matrimonial website का ज़माना, कंपनी matrimonial website के माध्यमों से वर और वधू कि online शादी के लिये रिश्तों कि तालश के लिये कुछ वेबसाइट बनाई जिसमें शादी के लिये matrimonial website में ऑनलाइन विज्ञापन दे सकते हैं । जैसे shaaaadi.com, jeeeeevansathi.com, वगैरह वगैरह । यहा पर अब ज्यादातर लॉग रिजिस्टर भी करते हैं । और फिर लोग अपनी डीटेल्स डाल के प्रोफाइल बना के तालाश शुरू करते हैं । एक बात निकल के सामने आयी की क्या पैमाना हो वार वधू ढूंढने का । जिसमें पूरी जानकारी अच्छी और लुभावनी दिखायी जाती है भले ही वास्तविक्ता में गलत हो और काफी झूठ होती है । अब शादी करने के लिये लड़कों का पैमाना - लड़की सुंदर होनी चाहिये, और घर ठीक से चलाय,बाकी वो काम करें ना करें ये उसकी मर्जी है पर लड़के के साथ शादी के बाद साथ रहे और घर के रेस्पॉन्सिबिलिटी ले, और शांतिपूर्ण तरीके से घर और परिवार चलाये ।अब शादी करने के लिये लड़के का पैमाना -लड़का 5 से 15 लाख सालाना कामाता हो या उस से ज्यादा कमाता हो । करोड़ों कि प्रॉपर्टी हो जैसे कई अपने मकान लड़के के नाम पे हो । मकान पौश कॉलोनी में हो वौ भी मेट्रो सिटी में । बड़ी कार हो । घर पे नौकर हो काम करने वाले । खाना पकाने वाले नौकर हो । ताकि लड़की हुकुम सब पे चला सके और काम कुछ ना करना पड़े । विकेंड पे थोड़ा लड़का movies, cinema, shopping कराये, खूब पैसा खर्च करके महँगे हीरे सोने के गहने दिलवाये । और हाँ, शादी के बाद honey moon ke liye foreign jarur लेकर जाये क्यूंकी ladki ne foreign country nhi dekha क्यूंकी दूसरे के पैसो पे फ्री का foreign tour. फिर लड़का डाइमंड रिंग व necklace, गोल्ड bangles, etc mangal sutr ke sath jarur de. शादी के बाद साँस ससुर दूर रहे तो bahot ही अच्छा ताकि कोइ रोक टोक नहीं । फिर लड़के से कंपनी का नाम, पोज़िशन, salary वगहरा पूछ लेती हैं और कंपनी में phone करके डीटेल्स निकाल लेती हैं । आजकल तो ये भी demand सुनी के फॅमिली traditional na ho or high society ho to acha hai । ladka expressive hona chahiye usko ड्रिंक्स नहीं करना चाहिये, उसको handsome होना चाहिये etc । अब एक दूसरे को पसंद आने के बाद लड़की अगर हाँ bolegi तो रिश्ता होता है अदरवाइज़ नहीं ।लड़की रीज़न देती है । we r not compatible so we cannot proceed further.या फिर कहेंगी i m not fit match for you । क्यूंकि अमीर handsome मुर्गे कि तालाश है । अब आगे, शादी होने के बाद, out of. इंडिया honeymoon के baad, जैसे जैसे वक्त बीतता है लड़कियों का असली रंग और रूप निकलता जाता है, लड़की घर परिवार में काम नहीं करती, बोलती है काम नहीं आता, परिवार के लोग यदि काम सिखाते है तो वो लड़की उल्टा चलाकि से बुजुर्गों से काम करवाती है , फिर एक महीने मे ही jewellery लेके मायके चली जाती है, और वहीं से पति और ससुराल वालों से पैसा cash में मगवाती है, और लड़के को बोलती है लेने आओ or diamond ka neckles ज़रूर लाना नहीं तो वौ आयेगी नहीं. लड़का कैसे भी कुछ करके उसकी demand पूरी करता है, उसको खुश रखता है, फिर पति व ससुराल वालों से डिमॅंड कि अलग अलग जिद पूरी कराई जाती है, और नये घर में रहने को बोलती हैं क्यूंकी साँस ससुर से बनती नहीं ।लड़का दूसरा मकान लेता फिर वो मायके जाती फिर वही पैसे और नेकलेस माँगती है । और कहती है तुम्हारे माँ-बाप ऐसे ही हैं, बहूकि इज्जत नहीं करते हैं, और काम वाली बाई बना के रखते हैं , और तुम अपने माँ बाप का साथ देते हो , फिर आखिर पत्नी और उसके मायके के परिवार के लोग , लड़के को धमकाते और डराते हैं । फिर आखिर में पत्नी और मायके वाले, पति और उसके माँ बाप भाई बेहन उनके रिश्तेदारों उनके बालको, बालिकाओ, कुत्तो , मरे हुए परिजनो पर झूठे दहेज का केस यानी मुकदमा यानी fake FIR कर देती है जिसमें कई धाराये 498a, 504, 506, 323, 3/4DP, act, DV act etc लगा देतीं हैं , और फिर क्या पति उसके माँ बाप और परिवार के अन्य महिला व पुरुष बच्चो को पुलीस पकड़ के jail फिर bail, फिर CrPC 125 के तहत गुज़रा भत्ता लगती है , फिर तलाक ले के गायब हो जाती हैं । और ये तलाक के दौरान औरतें फिर नयी प्रोफाइल बनाती है shaaadii.comया jeeevaaaansathi.com
या divorceematrimonyyyy.com etc में और फिर नये मालदार मुर्गे कि तालश और फिर नया गेम। ताकि 2 से 3 साल में करोड़ों कि मालिक बन जायें । इस तरह के विवाह को जड़ से मिटाने के लिए पवित्र बने और लोगो को जागरूक बनाए |||
आश्चर्य की बात है की हम लोग शास्त्रो को सम्मान देते हुए भी उनमे कही हुई बात प्रैक्टिकल रूप मे नही मानते, शास्त्रो मे आठ प्रकार के विवाह का वर्णन है ब्राह्म, दैव, आर्य, प्राजापत्य, आसुरी, गान्धर्व, राक्षसी, पैशाचिक || इनमे सर्वोत्तम ब्राह्म विवाह है यह विवाह आज के विवाह से सर्वथा भिन्न है इसका ज्ञान न होने के कारण ही आज कल के माता पिता वासना युक्त विवाह करा रहे है| शास्त्रानुसार "यदि कोई मनुष्य धन के लोभ मे अपनी कन्या किसी नीच को , वृद्ध नर को या कुरूप को या खराब चरित्र वाले नर को देता है तो वह मरने के बाद प्रेत बनेगा " अब अगर देखा जाय तो कन्या के माता-पिता जब लडका देखते है तो उसमे क्या देखते ? कितना कमाता है , कितना बैक बैलेंस है कार फ्लैट है बिमार माँ-बाप तो नही या परिवार से अलग रहेगा ??? और लडके वाले सगाई तय करने से पहले दहेज मे कैश वाहन घरेलू सामान तय करते है फिर आगे बढेगे ! कौन ऐसी कन्या या ऐसा बालक है जिसे धन की लिप्सा नही रहती ?? शास्त्रो मे ऐसे विवाह को, जिसमे धन-द्रव्य इत्यादि का लालच किया जाय और शील पवित्रता न देखी जाय , 'आसुरी विवाह' कहा है ऐसे विवाह की शुरूवात-अंत सब बहुत दु:खद होता है, जो लोग गृहस्त में 'काम' की छुट मानते है उन्हे यह मालूम होना चाहिए कि स्वय शास्त्रो मे 25 वर्षो तक अखंण (आठो प्रकार के )ब्रह्मचर्य व्रत पालन की बात कही है, अगर ब्रहचर्य की नीव ही सुदृढ नही हुई तो गृहस्त के अधिकारी कैसे ?? सतयुग त्रेता मे तो मैथुनी सृष्टि ही नही थी, याद रहे कि यह छूट द्वापर कलियुग के नर-नारियो के लिए है जो अजीवन पवित्र रहने का व्रत निभाने की हिम्मत नही रखते उनके लिए स्त्री-संग के संम्बन्ध मे कुछ मर्यादाए है जैसे ग्रहण काल, एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या ,चतुर्दशी, अष्टमी तिथि, दिन के समय और सुबह-शाम पूजन के समय, द्वादशी, प्रतिपाद, पष्ठी, रामनवमी , शिवरात्री, श्राधदिवस, संक्रान्ति, रविवार आदि दिनो मे तथा मास के अन्य चौदह दिन , बहुत से नक्षत्रो, कोई भी पर्व, अपवित्र अवस्था मे, दवा लेने के बाद, बिल्कुल भुखे, दुखी मन से, आवेष मे, क्रोध मे, थकावट मे, मंन्दिर मे, रास्ते मे, श्मशान मे, औषधाल्य मे , गुरू-ब्रह्मण के घर, दूसरो के सामने, मित्र-गुरूजनो के बिछौने पर etc काम विकार वर्जित है| गोया, शास्त्र ने कामी मनुष्य के लिए विवाह के बाद भी कोई ऐसा समय या अवस्था हो जिसमे उसे वाशना भोग कि छुट मिल सके ?? शास्त्रो मे लिखा कि कुशील से विवाह न हो तो यह बताओ शुशील है कौन ?? लक्ष्मी नारायण जैसा है कौन ? बेदाग तो कोई नही है, पूर्ण रूप से स्वस्थ है कौन ? हर-एक व्यक्ति कम से कम चार प्रकार की मांसिक और दो शारीरीक बिमारी से गृस्त है | पहले महिलाए घर मे रहती थी पुरूष अलग घेर मे रहते थे | आज कल के समाज मे शास्त्रो मे वर्णित वर-वधु है कहाँ ? देखा जाय तो सभी बुढे हो चुके है, इन सभी ज्ञान रहस्यो को न जानने के बाद भी कुक्कड़ ज्ञानी लोग (पंण्डत) दूसरो को शास्त्रो की कुकडूँ-कू तो सुनाते है परन्तु बैठे रहते है गोबर एवं विष्ठा पर !
आज हमारे देश में 7 करोड़ से ज्यादा लोग दहेज़ कानून की धारा 498A की मार से पीड़ित हैं | बहुत ही दुःख और शर्म की बात है की इतने परिवार बर्बाद कर दिए हैं इस काम विकार ने की हर 7.5 मिनट में इस कानून से पीड़ित विवाहित पुरुष आत्महत्या कर रहे है | भारत मे पिछले 10 साल मे पत्नी के त्रीया चरित्र ने 8 लाख से ज्यादा पुरूषो को आत्महत्या को मजबुर किया | हर साल 498A(dahej kanoon), Cr Pc125,376, 377, DV DP Hma24 जैस कानूनों के दुरुपयोग के कारण लाखो पुरुष-महिला आत्म हत्या करते है और परिवार बर्बाद होते है बच्चे अनाथ होते है वा कई निर्दोष लोगो को जेल जाना पड़ता है. आज से कई साल पहले, शादी का मतलब होता था कि दो परिवार के बीच एक अटूट रिश्ता, इस रिश्ते कॉ दोनों परिवार के बुजुर्ग अच्छी तरह से समझ और जानकारी ले के करते थे । पहली पहल लड़की वाले फिर वार्ता और परिवार कि सहमती के बाद शादी हो जाती थी । कुछ साल पहले आया इंटरनेट, फिर आया matrimonial website का ज़माना, कंपनी matrimonial website के माध्यमों से वर और वधू कि online शादी के लिये रिश्तों कि तालश के लिये कुछ वेबसाइट बनाई जिसमें शादी के लिये matrimonial website में ऑनलाइन विज्ञापन दे सकते हैं । जैसे shaaaadi.com, jeeeeevansathi.com, वगैरह वगैरह । यहा पर अब ज्यादातर लॉग रिजिस्टर भी करते हैं । और फिर लोग अपनी डीटेल्स डाल के प्रोफाइल बना के तालाश शुरू करते हैं । एक बात निकल के सामने आयी की क्या पैमाना हो वार वधू ढूंढने का । जिसमें पूरी जानकारी अच्छी और लुभावनी दिखायी जाती है भले ही वास्तविक्ता में गलत हो और काफी झूठ होती है । अब शादी करने के लिये लड़कों का पैमाना - लड़की सुंदर होनी चाहिये, और घर ठीक से चलाय,बाकी वो काम करें ना करें ये उसकी मर्जी है पर लड़के के साथ शादी के बाद साथ रहे और घर के रेस्पॉन्सिबिलिटी ले, और शांतिपूर्ण तरीके से घर और परिवार चलाये ।अब शादी करने के लिये लड़के का पैमाना -लड़का 5 से 15 लाख सालाना कामाता हो या उस से ज्यादा कमाता हो । करोड़ों कि प्रॉपर्टी हो जैसे कई अपने मकान लड़के के नाम पे हो । मकान पौश कॉलोनी में हो वौ भी मेट्रो सिटी में । बड़ी कार हो । घर पे नौकर हो काम करने वाले । खाना पकाने वाले नौकर हो । ताकि लड़की हुकुम सब पे चला सके और काम कुछ ना करना पड़े । विकेंड पे थोड़ा लड़का movies, cinema, shopping कराये, खूब पैसा खर्च करके महँगे हीरे सोने के गहने दिलवाये । और हाँ, शादी के बाद honey moon ke liye foreign jarur लेकर जाये क्यूंकी ladki ne foreign country nhi dekha क्यूंकी दूसरे के पैसो पे फ्री का foreign tour. फिर लड़का डाइमंड रिंग व necklace, गोल्ड bangles, etc mangal sutr ke sath jarur de. शादी के बाद साँस ससुर दूर रहे तो bahot ही अच्छा ताकि कोइ रोक टोक नहीं । फिर लड़के से कंपनी का नाम, पोज़िशन, salary वगहरा पूछ लेती हैं और कंपनी में phone करके डीटेल्स निकाल लेती हैं । आजकल तो ये भी demand सुनी के फॅमिली traditional na ho or high society ho to acha hai । ladka expressive hona chahiye usko ड्रिंक्स नहीं करना चाहिये, उसको handsome होना चाहिये etc । अब एक दूसरे को पसंद आने के बाद लड़की अगर हाँ bolegi तो रिश्ता होता है अदरवाइज़ नहीं ।लड़की रीज़न देती है । we r not compatible so we cannot proceed further.या फिर कहेंगी i m not fit match for you । क्यूंकि अमीर handsome मुर्गे कि तालाश है । अब आगे, शादी होने के बाद, out of. इंडिया honeymoon के baad, जैसे जैसे वक्त बीतता है लड़कियों का असली रंग और रूप निकलता जाता है, लड़की घर परिवार में काम नहीं करती, बोलती है काम नहीं आता, परिवार के लोग यदि काम सिखाते है तो वो लड़की उल्टा चलाकि से बुजुर्गों से काम करवाती है , फिर एक महीने मे ही jewellery लेके मायके चली जाती है, और वहीं से पति और ससुराल वालों से पैसा cash में मगवाती है, और लड़के को बोलती है लेने आओ or diamond ka neckles ज़रूर लाना नहीं तो वौ आयेगी नहीं. लड़का कैसे भी कुछ करके उसकी demand पूरी करता है, उसको खुश रखता है, फिर पति व ससुराल वालों से डिमॅंड कि अलग अलग जिद पूरी कराई जाती है, और नये घर में रहने को बोलती हैं क्यूंकी साँस ससुर से बनती नहीं ।लड़का दूसरा मकान लेता फिर वो मायके जाती फिर वही पैसे और नेकलेस माँगती है । और कहती है तुम्हारे माँ-बाप ऐसे ही हैं, बहूकि इज्जत नहीं करते हैं, और काम वाली बाई बना के रखते हैं , और तुम अपने माँ बाप का साथ देते हो , फिर आखिर पत्नी और उसके मायके के परिवार के लोग , लड़के को धमकाते और डराते हैं । फिर आखिर में पत्नी और मायके वाले, पति और उसके माँ बाप भाई बेहन उनके रिश्तेदारों उनके बालको, बालिकाओ, कुत्तो , मरे हुए परिजनो पर झूठे दहेज का केस यानी मुकदमा यानी fake FIR कर देती है जिसमें कई धाराये 498a, 504, 506, 323, 3/4DP, act, DV act etc लगा देतीं हैं , और फिर क्या पति उसके माँ बाप और परिवार के अन्य महिला व पुरुष बच्चो को पुलीस पकड़ के jail फिर bail, फिर CrPC 125 के तहत गुज़रा भत्ता लगती है , फिर तलाक ले के गायब हो जाती हैं । और ये तलाक के दौरान औरतें फिर नयी प्रोफाइल बनाती है shaaadii.comया jeeevaaaansathi.com
या divorceematrimonyyyy.com etc में और फिर नये मालदार मुर्गे कि तालश और फिर नया गेम। ताकि 2 से 3 साल में करोड़ों कि मालिक बन जायें । इस तरह के विवाह को जड़ से मिटाने के लिए पवित्र बने और लोगो को जागरूक बनाए |||
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