नरेन् सोलंकी- एक सफर

मेरे किरदार को , मेरे विस्तार से न जानो
मैं जब पौधा था , तब भी बरगद ही था।

#NarenDiaries

31 अगस्त 2009
(धर्मापुरी तमिल नाडु )

नरेन् सोलंकी
डीफार्मा, बी ए एग्रीकल्चर
सामाजिक साहित्य लेखन 
बोमादड़ा पाली मारवाड़ राजस्थान

मुश्किल काम है अपने बारे में लिखना ।

मैं एक सरल इंसान हूँ मगर आप लोगों की तरह अनेक अंतर्विरोधों से भरा हुआ भी । आपको मेरे लिखे और जीये में अंतर दिख सकता है मगर किसी प्रयोजन के तहत ऐसा करने का प्रयास नहीं करता । समाज और खुद के अंतर्विरोधों से टकराना ही तो व्यक्तित्व और नज़रिये का सतत विकास है ।              

मेरा(नरेन्द्र चौधरी)जन्म २१ अगस्त १९९० को सोलंकी यशवंत राज चौधरी पुत्र श्री मानाराम जी चौधरी ( खेतावास ) के घर राजस्थान के पाली जिला से १२ किलो मीटर दूर पुनागर अम्बे माँ चरणों मै स्थित बोमदरा गाव मै हुआ | यशवंत राज जी चौधरी( पापा ) धर्मेन्द्र चौधरी ( अंकल ) दोनों ही अध्यापन का काम करते है और उन्ही के कर-कमलो से और उन्ही के दवारा मेरी (नरेन्द्र) प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा हुई | माद्यमिक शिक्षा बसंत पब्लिक स्कूल पाली मै ग्रहण की वहा गुरु बी.आर. चौधरी ने जिन्दगी को नई राह दी | उसके बाद आगे की शिक्षा राजकीय माध्यमिक स्कूल बांगड़ मै ग्रहण की | उसके बाद तमिल नाडू से डी. फार्मा और डी. एम. एल. टी. का डिप्लोमा किया | ३१ अगस्त २००९ को पुणे महारास्ट मै शक्ति मेडिको हाउस नाम की मेडिकल स्टोर्स के नाम से मेडिकल का धंधा चालू किया और २२ मई २०१० को राठोड परिवार मैं डिम्पल चौधरी से विवाह हुआ | लेखनी की आदत मुझे (नरेन्द्र) ५ वी क्लास से ही थी मेरी रचनाये सामाजिक पत्रिका "सीरवी सन्देश" मै प्रकाचित होती रही है | भारतीय संस्कृति और युवा शक्ति के बारे मै लिखना मुझे बहुत पसंद है और समाज और देश को जरुरत भी,,,,,,,,,,,,,,,,

बचपन से लेकर आज तक जीवन के हर पहलु को बचपन से लेकर आज तक जीवन के हर पहलु को बहुत ही करीब से देखा है मैंने ! " जीवन की आपाधापी " में ही ये वक़्त गुजर जाता है ! पिछले 10 वर्षों से मेडिकल लाइन और 2 साल से बेनिफिट कॉस्मेटिक में कार्यरत हूँ ! 14 साल से लिखने और सीखने की कोशिश कर रहा हूँ ! मार्ग-दर्शन होंसला बढ़ाता है !बहुत ही करीब से देखा है मैंने ! " जीवन की आपाधापी " में ही ये वक़्त गुजर जाता है !

मुझे हिंदी ब्लॉग पढ़ते-पढ़ते लगभग 12 साल हो गए हैं, अपना खुद का ब्लॉग बनाए हुए 9 साल और नियमित रूप से लेखन नहीं कर पाया . इस बीच मैंने एक-एक करके कई ब्लॉग संकलकों को ठप्प होते देखा. जो लोग बहुत पहले से ब्लॉग लिख रहे हैं, उनके बारे में तो नहीं कह सकता, पर अपने खुद के अनुभव से बता सकता हूँ कि नए हिन्दी ब्लॉग लेखकों के लिए संकलकों का बहुत महत्त्व है. अफ़सोस कि चिट्ठाजगत और ब्लॉगवाणी के फिर से चलने के कोई संकेत नज़र नहीं आ रहे हैं.

खैर, हम इस बात का शुक्र मना सकत कि हमें तो बहुत लोग जानने लगे हैं. और हम भी अब कई ब्लॉगों से परिचित हो चुके हैं. पर फिर भी नए लेखकों के जानने के लिए बहुत कुछ है और भले ही हिंदी ब्लॉग कम हैं, पर अब इनकी भी अच्छी-खासी संख्या हो चली है. इतने बड़े भण्डार से अपनी पसंद की चीज़ छाँटना टेढ़ी खीर है, पर फिर भी मैंने कोशिश की है कुछ अपनी पसंद के ब्लॉगों को वर्गीकृत करके एक स्थान पर रखने की.

इस ब्लॉग को बनाने में मैं पिछले 5 सालो से कोशिस  कर रहा हु . फोर कॉलम का टेम्पलेट ढूँढा, बहुत से ब्लॉग, वेबसाईट आदि पर गया , उनको अलग-अलग विषयों के अंतर्गत वर्गीकृत किया और सबसे अधिक समय लगा इसे फॉर्मेट करने में... बेचारा मैं :(

इस पूरे उपक्रम में मुझे सबसे अधिक लाभ यह हुआ कि बहुत से ऐसे ब्लॉग पता चले, जिनके बारे में मैं नहीं जानता था, कुछ के बारे  में सुन रखा था, पर कभी पढ़ा नहीं था. मैंने इस बीच बहुत से ब्लॉगों अनुसरण करना भी शुरू कर दिया है.

यहाँ कई विषयों को समेटने की कोशिश की है, पर फिर भी काफी कमियाँ बाकी हैं, जिन्हें दूर करने की कोशिश करता रहूँगा. आपलोगों से भी सुझाव अपेक्षित हैं. इसे मैं समय-समय पर अपडेट करता रहूँगा .

यहाँ आपको हो सकता है कि कुछ कमियाँ दिखे तो मैं ये कहना चाहूंगा आप मुझे मेरे email id (nkc243@gmail.com) पर जरूर सुझाव भेजें .

ये ब्लॉग अभी पूरा नहीं हो गया है, जब ये पूरा होगा तब प्रकाशित करूँगा. आप सभी की शुभकामनाओं के साथ...

आपका "नरेन् सोलंकी " (नरेन् बाबू)
 

                                     11 लक्समी नगर
                                     SS ,रोड पाली मारवाड़
                                     306401
                                     nkc243@gmail.com

Comments

Popular posts from this blog

​दिल को छू लेने वाली ऐसी 32-लाइनें​ ------------------------------------------------

सीरवी समाज- परम्परागत विवाह या...