एक निवेदन

निवेदन है कि हमे सुबह और सायंकाल आरती के वक्त जो भी मंदिर पास हो वहाँ पहुंचना चाहिए. कुछ मंदिर हैं देश में जहां लोग घण्टों दर्शन के लिए खड़े रहते हैं, पर हमारे आस पास के मंदिरों की बात करें तो हालात बहुत बुरे है. वहाँ आरती के वक्त झालर, शंख, नगाड़ा बजाने को लोग नहीं होते है. कुछ लोगों ने इसका तोड़ निकाला है, इलेक्ट्रिक मशीनें ले आये हैं.
यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है ?
कोई इसपर विचार नहीं करता. कहने को हम करोड़ों हैं, पर मंदिरों में आरती के वक्त 4 लोग नहीं पहुँच पाते. इसी कारण मोहल्ले वाले भी एक दूसरे को पहचान नहीं पाते और एकता नहीं हो पाती है.
इस पर विचार होना चाहिए.
मंदिर ही हैं जो हमें एक दूसरे से जोड़ने में सहायक हो सकते हैं ।।
आओ प्रयत्न करे अपने व्यस्त समय में से कुछ समय धर्म की रक्षा राष्ट्र की एकता, अखंडता अपने संस्कारो हेतु निकले 👏👏👏👏👏👏👏
             🙏 दो मिनट मंदिरों के लिए🙏
आप को उचित लगे तो आगे फॉरवर्ड करे।

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