बस इतनी "पाकीज़ा" रहे "आईना-ऐ-ज़िन्दगी" जब खुद से मिले "नज़र" तो "शर्मसार" ना हो इस बार आपके लिए प्रस्तुत है सीरवी संदेश पत्रिका में प्रकाशित लेख 👇👇 विकास की ...
सोशल मीडिया के इस युग में पूरी दुनिया के तमाम लोगों तक पहुंचने और उनसे जुड़ने की संभावना पहले से कई गुना बढ़ गयी है। सिर्फ एक बटन दबा कर मित्रों को अपने पास कर लीजिए, ट्वीट के ...
20 feb 2018 11:30 am (आइए, कुछ सोचें और अपने सीरवी समाज पर बात करें। ) हम रोज हमारे समाज की परेशानियों के बारे में सोचते हैं और फिर कोई समाधान न निकलता देख एक एक उनको ठंडे बस्ते में डाल देते हैं.. ...
आज पुरुष और नारी समानता का युग होने के बावज़ूद, अभी भी नारी अत्याचार की इतनी घिनौनी कुप्रथाएं मौजूद है कि जिन्हें जानकर आप दाँतों तले उंगली दबा देंगे। भारत हो या कोई और देश...